सभासद की सैलरी कितनी होती है: सभासद किसे कहते है? सबकुछ जाने

इस लेख की रूपरेखा:

यदि आप एक नगर पंचायत में रहते होगें तो आपने सभासद के बारे में जरूर सुना होगा। एक नगर पंचायत में कई वार्ड होते है। और हर एक वार्ड में एक सभासद होता हैं। यदि आप सभासद किसे कहते हैं और नगर पंचायत सभासद की सैलरी कितनी होती है यह जानना चाहते हैं तो आप बिल्कुल सही जगह पर हैं।

इस बेहतरीन लेख में हम आपको सभासद किसे कहते है, नगर पंचायत सभासद की सैलरी कितनी होती है, सभासद का काम क्या क्या होता है और सभासद का कार्यकाल कितने वर्षों का होता है के बारे में विस्तार से बतायेगें। तो चलिए शुरू करते हैं।

सभासद किसे कहते है | Sabhasad Kise Kehte Hain?

हर एक जिला में कई नगर पंचायत होती है। और हर एक नगर पंचायत में कई सारे वार्ड होते है और हर एक वार्ड में एक सभासद होता है। जिस तरह से अन्य चुनाव होते है ठीक वैसे ही वार्ड में सभासद का चुनाव जनता द्वारा किया जाता है।

नगर पंचायत में वार्डों का विभाजित जनसँख्या के आधार पर किया जाता है। हर एक वार्ड में केवल एक ही सभासद होता है। एक सभासद अपने वार्ड में रहने वाले लोगो का प्रतिनिधित्व और उनके प्रॉब्लम को हर करता है।

एक सभासद को आमतौर पर “पार्षद” भी कहा जाता है। एक सभासद अपने वार्ड के महत्वपूर्ण मुद्दों को हल करने या फिर करवाने के लिए मेनहत करता है।

सभासद को इंग्लिश में क्या कहते हैं?

बहुत से लोगो के मन मे ये सवाल रहता है कि सभासद को इंग्लिश में क्या कहते हैं। हम आपको बता दे कि सभासद को इंग्लिश में Councillor कहा जाता है। इसके अलावा एक सभासद को “पार्षद” के नाम से भी जाना जाता है।

नगर पंचायत सभासद की सैलरी कितनी होती है | Sabhasad Ki Salary

भारत में नगर पंचायत सभासदों की कोई फिक्स सैलरी नही मिलती है। सैलरी की जगह पर नगर पंचायत सभासदों को मानदेय या भत्ता दिया जाता है। भारत के हर एक राज्य के सभासदों की मानदेय या भत्ता की राशि अलग अलग होती है।

अगर बात करें भारत में सभासदों की औसतन मानदेय या भत्ता तो वह ₹2000- ₹10000 प्रति महीना तक मिल सकती है। इन मानदेय या भत्ता के अलावा सभासदों को प्रति बैठक के लिए ₹1000 रुपये अतिरिक्त भी प्रदान किया जाता है। प्रति बैठक के लिए दिये जाने वाली यह राशि हर एक राज्य के लिए अलग अलग भी हो सकती है।

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सभासद का मुख्य काम क्या क्या होता है | Sabhasad Ka Kaam Kya Hota Hai?

एक वार्ड का सभासद होना काफी जिम्मेदारी भरा होता है। कई सारे ऐसे काम होते हैं जो एक सभासद करता है। एक सभासद का मुख्य काम क्या क्या होता है वह निम्नलिखित हैं।

  • एक सभासद अपने वार्ड का मुखिया होता है। इसलिए उसका मुख्य काम अपने वार्ड का विकास करने का होता है।
  • एक सभासद का महत्वपूर्ण काम सरकारी योजनाओं बारे में अपने वार्ड के लोगो को जागरूक करने का भी होता है।
  • अपने वार्ड के लोगो की परेशानियों का हल करना भी एक सभासद का काम होता है।
  • एक सभासद अपने वार्ड की सड़कों और स्ट्रीट लाइट की मरम्मत करवाने के लिए भी जिम्मेदार होता है।
  • समय समय पर अपने वार्ड की सफाई करवाना और सर्वजनिक शौचालय की व्यवस्था करना भी एक सभासद का काम होता है।
  • अपने वार्ड के लोगों की आवाज को नगर पालिका तक पहुँचाने का काम भी एक सभासद का होता है।
  • एक सभासद नगर पंचायत द्वारा लिए जाने वाले निर्णयों में भी अपना योगदान देता है।
  • एक सभासद अपने वार्ड और नगर पंचायत की छवि को और बेहतर बनाने के लिए भी काम करता है।
  • अपने काम के माध्यम से एक सभासद अपने नगर पंचायत के विकास में एक महत्वपूर्ण योगदान देता है।

सभासद का चुनाव कैसे होता है?

अन्य चुनाव की तरह सभासद का भी चुनाव लोकतंत्रिक तरीके से होता है। इसमे भी मतदाता अपने मत का उपयोग करके अपने वार्ड के लिए सभासद का चुनाव करते हैं।

इसमे सबसे पहले चुनाव आयोग द्वारा एक चुनाव अधिसूचना निकाला जाता है। इस चुनाव अधिसूचना में चुनाव की तिथि, नामांकन प्रक्रिया, नामांकन के समय लगने वाले महत्वपूर्ण दस्तावेज़ और नामांकन की अंतिम तिथि जैसी और भी कई महत्वपूर्ण चीज़ों के बारे में विस्तार से बताया जाता है।

जिनको सभासद के चुनाव में भाग लेना है उनको सबसे पहले अपना नामांकन पत्र दाखिल करना होगा। उसके बाद चुनाव आयोग द्वारा नामांकन पत्र की जांच की जायेगी। यदि सब कुछ सही रहता है तो आपके नामांकन पत्र को स्वीकार कर लिया जायेगा और आप सभासद का चुनाव लड़ने के योग्य हो जायेगें।

अब आपको जमकर चुनाव प्रचार करना होगा। चुनाव प्रचार का समय खत्म होने के बाद मतदान होगा। मतदान खत्म होने के बाद मतों की गणना होगी।

यदि आप अपने वार्ड के सभी सभासद उम्मीदवार से ज्यादा मत पाते हैं तो आपको विजेता घोषित कर दिया जायेगा। और अब आप अपने वार्ड में 5 साल के लिए सभासद बन जायेगें।

सभासद का चुनाव लड़ने के लिए योग्यता | Sabhasad Ke Chunav Ladne Ke Liye Yogyata?

सभासद का चुनाव लड़ने के लिए निम्नलिखित योग्यता की जरूरत पड़ती है।

  • उम्मीदवार की उम्र 21 साल से ज्यादा होनी चाहिए।
  • उम्मीदवार के पास भारत की नागरिक होना चाहिए।
  • उम्मीदवार का कोई भी क्रिमिनल रिकॉर्ड नही होनी चाहिए
  • उम्मीदवार कम से कम 10वीं पास होना चाहिए।
  • उम्मीदवार जहाँ से चुनाव लड़ना चाहिए वहाँ का निवास प्रमाण पत्र होना चाहिए।
  • यदि आप कोई सरकारी नौकरी कर रहे हैं तो आपको सभासद का चुनाव लड़ने के लिए अपने सरकारी नौकरी को त्याग करना होगा।
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सभासद के अधिकार क्या क्या होते है?

एक सभासद के पास कई सारे अधिकार होते है। इनके कुछ महत्वपूर्ण अधिकार निम्नलिखित हैं।

  • निर्वाचन क्षेत्र के लोगों की आवाज को नगर पालिका तक पंहुचाना
  • नगर पंचायत के कार्यों में भाग लेना
  • महत्वपूर्ण निर्णय में भाग लेना
  • नगर पंचायत की नीतियों की समीक्षा करना
  • नगर पंचायत के बजट की समीक्षा करना
  • नगर पंचायत की कार्यप्रणाली की निगरानी करना
  • नगर पंचायत की जवाबदेही सुनिश्चित करना
  • नगर पंचायत के विकास में योगदान देना
  • नगर पंचायत की छवि को बेहतर बनाना
  • नगर पंचायत के कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना

सभासद चुनाव लड़ने के लिए क्या क्या दस्तावेज चाहिए?

सभासद चुनाव लड़ने के निम्नलिखित दस्तावेज की जरूरत पड़ती है।

  • सभासद का रिज्यूम
  • जाति प्रमाण पत्र
  • 10th मार्कशीट
  • निवास प्रमाण पत्र
  • मैरिज सर्टिफिकेट (यदि शादीशुदा हो)
  • पासपोर्ट साइज फोटो
  • वोटर आईडी
  • आधार कार्ड

सभासद का कार्यकाल कितने वर्षों का होता है?

भारत में सभासद का कार्यकाल आमतौर पर 5 साल का होता है। हर 5 साल के बाद सभासद का चुनाव होता है। यदि आप इन 5 सालो में अपने वार्ड के लिए अच्छा काम करते हैं तो जनता आपको फिर चुन सकती है और आप एकबार फिर सभासद बन सकते हैं।

एक नगर पंचायत में कितने सभासद होते हैं?

किसी भी नगर पंचायत में सभासदों की संख्या नगर पंचायत के क्षेत्रफल और जनसंख्या पर निर्भर करता है। एक नगर पंचायत में कम से कम 15 और अधिक से अधिक 30 सभासद हो सकते हैं।

जिस नगर पंचायत की जनसंख्या 10,000 से कम है वहाँ 15 सभासद होते हैं। वही जिस नगर पंचायत की जनसंख्या 10,000 से 20,000 के बीच मे हैं वहाँ पर सभासदों की संख्या 20 तक हो सकती है। इसके अलावा जिस नगर पंचायत की जनसंख्या 30,000 से अधिक है वहाँ पर 30 सभासद होते हैं।

नगर पंचायत में कौन-कौन से पद होते हैं?

एक नगर पंचायत में निम्नलिखित पद होते हैं!

  • अध्यक्ष
  • सभासद
  • उपाध्यक्ष
  • सदस्य
  • अधिशासी अधिकारी
  • कार्यपालक अधिकारी 
  • नायब तहसीलदार
  • चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी

निष्कर्ष?

इस पूरे लेख को पढ़ने के बाद आपको सभासद किसे कहते है, सभासद की सैलरी कितनी होती है, सभासद का काम क्या क्या होता है सभासद का चुनाव कैसे होता है और सभासद का कार्यकाल कितने वर्षों का होता है के बारे काफी अच्छी जानकारी हो गई होगी।

यदि आप सभासद के बारे में और कुछ जानना चाहते हैं तो आप कमेंट के माध्यम से पूछ सकते हैं। हम आपके सवाल का उत्तर जल्द से जल्द देने की कोशिश करेगें।

यदि आपको इस आर्टिकल के माध्यम से कुछ नया जानने को मिला हो तो इस आर्टिकल को अपने दोस्तों के साथ सोशल मीडिया पर जरूर शेयर करें।

इस पूरे आर्टिकल को पढ़ने के लिए अपना बहमूल्य कीमती वक्त देने के लिए आपका बहुत बहुत धन्यवाद!

सभासद की सैलरी कितनी होती है के बारे के सामान्य प्रश्न?

सभासद का कार्यकाल कितने वर्षों का होता है?

भारत में सभासद का कार्यकाल आमतौर 5 साल का होता है। हर 5 साल के बाद नगर पंचायत में सभासद का चुनाव होता है।

सभासद की सैलरी कितनी होती है?

सभासद का काम क्या होता हैं?

सभासद के काम कई सारे होते हैं जैसे अपने वार्ड के लोगो की समस्याओं का समाधान करना, नगर पंचायत के बजट की समीक्षा करना, नगर पंचायत के कार्यों में भाग लेना और नगर पालिका के विकास में योगदान देना उनमे से मुख्य है।

सभासद को इंग्लिश में क्या कहते हैं?

सभासद को इंग्लिश में councillor कहा जाता है। councillor शब्द लैटिन शब्द “consul” से लिया गया है, जिसका अर्थ है “उच्च अधिकारी” होता है।

मेरा नाम सद्दाम हुसैन है और मैं इस ब्लॉग का फाउंडर और कंटेंट राइटर हूँ। इस ब्लॉग पर मैं एजुकेशन, सरकारी नौकरी, जॉब, कैरियर, बिजनेस, कोर्सेज और सेलेबस से रिलेटेड हर नई और महत्वपूर्ण लेख को रेगुलर बेसिक पर प्रकाशित करता रहता हूँ।

2 thoughts on “सभासद की सैलरी कितनी होती है: सभासद किसे कहते है? सबकुछ जाने”

  1. सभासद का कोई मानदेय नहीं होता है भाई साहब क्योंकि मैं भी सभासद हूं। मीटिंग के 1000 के अलावा अभी तक तो मिला नहीं

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